प्रस्तावना
एक समय था जब घर के कोने में रखा हुआ एक बड़ा, भारी और मोटा टीवी पूरे मोहल्ले की शान होता था। उसे लोग प्यार से “डब्बा टीवी” कहते थे — असल में वो CRT TV (Cathode Ray Tube) तकनीक पर आधारित टीवी हुआ करता था। आज के दौर में उसकी जगह LCD (Liquid Crystal Display) टीवी ने ले ली है — जो न सिर्फ पतले हैं बल्कि स्मार्ट भी हैं।

इस लेख में हम जानेंगे कि इन दोनों तकनीकों में क्या फर्क है, किसकी क्या खासियत है, और कौन सा टीवी किस लिहाज से बेहतर है।
1. टीवी का इतिहास – कहां से कहां
CRT टीवी (Cathode Ray Tube): 20वीं सदी में टीवी का मतलब यही होता था। मोटा, भारी और एक बड़ा बॉक्स जैसा आकार।
LCD टीवी (Liquid Crystal Display): 21वीं सदी की शुरुआत से धीरे-धीरे LCD तकनीक आई जिसने टीवी को पतला, हल्का और आकर्षक बना दिया।
LCD टीवी ने न केवल टीवी देखने का तरीका बदला, बल्कि इसे स्मार्ट फीचर्स के साथ एक डिजिटल एक्सपीरियंस बना दिया।
2. डिजाइन और पोर्टेबिलिटी
| फीचर | CRT टीवी | LCD टीवी |
| आकार | भारी और मोटा | पतला और हल्का |
| पोर्टेबिलिटी | ले जाना मुश्किल | आसान |
| दीवार पर लगाना | नहीं हो सकता | आसानी से लगाया जा सकता है |
👉 LCD टीवी इस मामले में साफ तौर पर विजेता है। ये न सिर्फ देखने में आकर्षक होता है, बल्कि जगह की बचत भी करता है।
3. तस्वीर की गुणवत्ता (Picture Quality)
CRT टीवी में रंग नेचुरल होते थे, लेकिन रेज़ॉल्यूशन सीमित था। LCD टीवी में अब Full HD, 4K, 8K जैसे हाई रेज़ॉल्यूशन उपलब्ध हैं।
| पहलू | CRT | LCD |
| रंग | नेचुरल, डीप ब्लैक ब्राइट | कभी-कभी ओवर-सैचुरेटेड |
| रेज़ॉल्यूशन | SD (480p) | HD, FHD, 4K, 8K |
| रिफ्रेश रेट | बहुत अच्छा | अब 60Hz से 240Hz |
🎯 LCD टीवी में आज के अनुसार बेहतर पिक्चर क्वालिटी है, खासकर यदि आप OTT प्लेटफॉर्म्स या हाई-क्वालिटी वीडियो देखना चाहते हैं, पर CRT टीवी की कुछ बाते भुलाई नहीं जा सकती।
🎨 CRT TV का Natural Colour – वो जो आज भी याद है:
⭐ क्यों अलग था CRT का कलर?
- Realistic और Warm Colours:
CRT टीवी में रंग ज़्यादा गर्म (warm) और मुलायम (soft) लगते थे। कोई रंग बहुत ज्यादा चटकीला या नकली नहीं लगता था। - No Artificial Boosting:
आजकल के LCD या LED टीवी रंगों को ज्यादा चमकीला दिखाने के लिए digital processing करते हैं, जिससे कभी-कभी रंग बहुत “over-saturated” लगते हैं।
CRT में ऐसा नहीं होता था – जो जैसा रंग था, वैसा ही दिखता था। - Better Skin Tones:
इंसानों के चेहरे का रंग (skin tone) CRT पर ज्यादा प्राकृतिक और संतुलित दिखता था – ना ज़्यादा लाल, ना ज़्यादा पीला। - Smooth Gradient:
रंगों का बदलाव (जैसे हलके नीले से गहरे नीले तक) बहुत स्मूद और नेचुरल होता था, बिना किसी बैंडिंग के।
❤️ क्यों आज भी लोग इसे याद करते हैं:
- जब लोग कहते हैं, “आज की टीवी की पिक्चर तो तेज है, पर मज़ा नहीं आता”, तो वो इसी natural feel की बात करते हैं।
- पुराने Doordarshan के शो, फिल्में और कार्टून CRT पर जैसे लगते थे, आज की किसी ultra-HD स्क्रीन में वो भावना नहीं आती।
4. बिजली की खपत
CRT टीवी की एक बड़ी कमी थी — “बिजली की ज़्यादा खपत” LCD टीवी में ऊर्जा बचत काफी बेहतर है।
| पॉइंट | CRT | LCD |
| पावर | बहुत ज्यादा | अपेक्षाकृत बहुत कम |
| बिजली बिल | बिल ज्यादा | कम |
✅ अगर बिजली की बचत चाहते हैं, तो LCD टीवी एक समझदारी भरा विकल्प है।
5. स्मार्ट फीचर्स
CRT टीवी बस टीवी:
- ये CRT टीवी बस एक केबल या ऐंटीना से कनेक्ट करके चैनल देख सकते थे।
LCD टीवी आज के जमाने के लिए बना है:
- YouTube, Netflix, Hotstar सपोर्ट
- Wi-Fi कनेक्टिविटी
- USB और HDMI पोर्ट
- वॉयस असिस्टेंट, स्क्रीन कास्टिंग
🎉 यह सब सुविधाएं CRT टीवी में संभव नहीं थीं। यानी फीचर्स के मामले में LCD टीवी कई कदम आगे है।
6. ध्वनि गुणवत्ता (Sound Quality)
- पुराने CRT टीवी में स्पीकर्स बड़े और अंदर फिट होते थे, जिससे उनमें भारी बेस आता था।
- LCD टीवी में जगह की कमी के कारण साउंड थोड़ी कमजोर हो सकती है, लेकिन अब साउंडबार या डॉल्बी एटमॉस सपोर्ट के साथ यह समस्या दूर हो गई है।
🎧 यदि आप होम थिएटर जैसा अनुभव चाहते हैं, तो LCD टीवी + साउंडबार एक शानदार विकल्प है।
7. गेमिंग और रिफ्रेश रेट
- पुराने CRT टीवी में “इनपुट लेग” नाम की चीज़ नहीं होती थी, यानी कमांड देते ही स्क्रीन पर एक्शन दिखता था। यही कारण था कि पुराने गेमर्स CRT को पसंद करते थे।
- LCD टीवी में यह समस्या पहले थी, लेकिन अब 120Hz, 144Hz या 240Hz रिफ्रेश रेट वाले टीवी इस कमी को पूरी तरह खत्म कर चुके हैं।
🎮 अगर आप गेम खेलना चाहते हैं तो अब LCD भी शानदार है, लेकिन नोस्टैल्जिया के लिए CRT आज भी याद किया जाता है।
8. मेंटेनेंस और टिकाऊपन
| पहलू | CRT | LCD |
| रिपेयरिंग | आसान | महंगी और कभी-कभी असंभव |
| पार्ट्स | मिलना अब मुश्किल | आसानी से उपलब्ध |
| लाइफ | 15-20 साल | 5-10 साल (ब्रांड पर निर्भर) |
🔧 CRT टीवी भले ही पुराना हो, लेकिन उसे आसानी से ठीक किया जा सकता था। LCD टीवी रिपेयर नहीं, रिप्लेस करना ज्यादा आम है।
9. कीमत का फर्क
| स्थिति | CRT टीवी | LCD टीवी |
| शुरुआती कीमत | सस्ती (2k-3k) | पहले महंगे थे, अब सस्ते विकल्प भी है (5k-10k) |
| वैल्यू फॉर मनी | पहले के लिए ठीक | बेहतर (ब्रांड पर निर्भर) |
आजकल आपको 32 इंच का एक अच्छा स्मार्ट LCD टीवी ₹10,000–₹15,000 में मिल जाता है। वहीं CRT टीवी अब बाजार में मिलता ही नहीं।
🌱 इको फ्रेंडली टेक्नोलॉजी के लिए LCD बेहतर है।
CRT बनाम LCD – एक नजर में तुलना
| पहलू | CRT टीवी | LCD टीवी |
| डिज़ाइन | मोटा और भारी | पतला और हल्का |
| रेज़ॉल्यूशन | SD | HD/FHD/4K/8K |
| स्मार्ट फीचर्स | नहीं | हां |
| बिजली की खपत | अधिक | कम |
| पिक्चर क्वालिटी | सॉफ्ट और गहरे रंग | शार्प और ब्राइट |
| साउंड | अच्छा मिक्स | अलग से साउंड लगाकर बेहतर |
| टिकाऊपन | ज्यादा | औसत |
| मेंटेनेंस | आसान | महंगा |
| गेमिंग | अच्छा | अब बेहतर |
निष्कर्ष: कौन बेहतर है?
✔️ अगर आप आज की डिजिटल और स्मार्ट दुनिया का हिस्सा बनना चाहते हैं — Netflix, YouTube, गेमिंग, हाई रेज़ॉल्यूशन, कम बिजली खपत – तो LCD टीवी ही सबसे बेहतर है।
❤️ लेकिन अगर आप नॉस्टैल्जिया, टिकाऊपन और सरलता को महत्व देते हैं, तो CRT टीवी की अपनी जगह थी।
अंतिम विचार:
टेक्नोलॉजी का बदलाव ज़रूरी है और वो हमारे अनुभव को नया आयाम देता है। पुराने CRT टीवी हमारी यादों का हिस्सा हैं, लेकिन आज की ज़िंदगी में LCD टीवी ही प्रैक्टिकल और फायदेमंद विकल्प है।
अगर आप अपने पुराने CRT टीवी को अब भी इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह एक विंटेज अनुभव है। अगर आप अभी भी डब्बा टीवी चला रहे है तो उसे फेंके नहीं ये टीवी नहीं यादों की मिठास है ।
लेकिन अगर आप अपग्रेड की सोच रहे हैं, तो आज का कोई भी स्मार्ट LCD टीवी आपकी सभी ज़रूरतें पूरी कर देगा।
धन्यवाद!